MediaManch-No.1 News Media Portal
अपनी ख़बर मीडिया मंच को भेजें

मेल आई डी: newsmediamanch@gmail.com
News Flash .
MediaManch-No.1 News Media Portal
मीडिया मंच टॉप 20
चुनौती
मोदी और मीडिया : १६ मई के बाद कथनी और करनी में फर्क ना हो
विस्तार से
यादें
टेलीविजन न्यूज में वेश्यावृति पर ये पहली स्टोरी हुई थी।
विस्तार से
पहल
समलैंगिकों के लिए देश का पहला रेडियो स्टेशन
विस्तार से
वार्षिक फ़िल्म समीक्षा
साल 2013-मेरी पसंद की 12 फिल्में -अजय ब्रह्मात्‍मज
विस्तार से
न्यूज़ ज़ोन
नवभारत टाइम्स
बीबीसी हिंदी
नईदुनिया
हिंदुस्तान दैनिक
प्रभात ख़बर
दैनिक भास्कर
दैनिक जागरण
अमर उजाला
रवीश की रिपोर्टिंग बिल्कुल 'आम' है!


बनावट, बनावटी तेवर, तय सवाल, झूठ-मूठ का आक्रामक लहज़ा, इन सब के बीच रवीश का अनगढ़, एक हद तक आत्मीय और एकदम सीधे सीधे लोगों तक पहुँचने और उन्हें आतंकित किये बगैर एकदम सहज बल्कि उन्हीं के बी
विस्तार से
लो जी हमने तो फेकू, पप्पू दोनों को बराबर मौका दिया.
जनता और मीडिया से सीधे मुंह बात नहीं करने औऱ उन्हें लगातार इग्नोर करके कैसे नयी मीडिया स्ट्रैटजी बनती है, इसे आप नरेन्द्र मोदी के संदर्भ में बेहतर समझ सकते हैं.
विस्तार से
आपकी अदालत ने टीआरपी की दुनिया में एक नया इतिहास बनाया है
आपकी अदालत ने टीआरपी की दुनिया में एक नया इतिहास बनाया है. पिछले शनिवार को नरेन्द्र मोदी के शो की रेटिंग 74 % तक पहुंची. ये टीवी के इतिहास में किसी भी न्यूज़ चैनल का सबसे बड़ा मार्किट शेयर है इस शो को पूरी दुनिया में देखा गया
विस्तार से
enough is enough!
कांग्रेस कार्यालय में बुलाई गयी पत्रकार वार्ता में सवालों का सिलसिला शुरू करने से पहले एक साथी पत्रकार ने केन्द्रीय मंत्री को शुरुआत में अपनी बात कहने के लिए क्या कह दिया, वह पत्रकारों को आधे घंटे तक अ
विस्तार से
मैं सौ फीसद पत्रकार हूँ।
शक, शक्की, शक्काइटिस
-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी
मैं सौ फीसद पत्रकार हूँ। क्या बात है किसी को कोई शक? शक का इलाज भी होता है बशर्ते शक्की चाहे तब। हमारे इर्दगिर्द कई ऐसे भी मानव प्राणी हैं, जिन्हें शक्काइटिस नामक भयंकर बीमारी ने जकड़ रखा है। मैं चाहता हूँ कि इन लोगों को शक की इस बीमारी से नि
विस्तार से
हे नीतीश जी! कम से कम हमारा पइसवा तो लौटवा दीजिये, गाढ़ी कमाई का पैसा है।'
पत्रकार मित्रों ,
                     याद
है आपको पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना। नीतीश सरकार ने जिसे बड़े धूम धड़ाके से शुरू किया था। सरकार की अन्य घोषणाओं की तरह यह भी एक छलावा ही साबित हुआ। बिना प्रक्रिया पूरी किये सरकार ने आनन- फानन में प
विस्तार से
आखिर इतने तंग ख्याल के साथ द हिन्दू जैसे अखबार में कोई कैसे काम कर सकता है.
आप द हिन्दू अखबार की कैंटीन में नॉनवेज सर्व क्या, घर से लाकर भी न खाए जाने को किस रूप में ले रहे हैं ? क्या ये सिर्फ एक मीडिया संस्थान की ओर से रूटीन डिसीजन का हिस्सा है या फिर चूंकि वो आनेवाले हैं, उनकी तैयारी का एक छोटा सा नमूना है. .. जिस देश सिर्फ पानी छूने-न छूने को लेकर इतने भेदभाव,शोष
विस्तार से
चुनाव में इस बार विज्ञापनी मलाई खबरिया टीवी चैनल चट कर गये। इसके अलावा पेड़ खबरें और पेड साक्षात्कार अलग। मजे तो चैनल वालों के आये। इसके अलावा टीवी बहस सुनकर ऐसा लग रहा है कि कुछ राजनीतिक विशेषक भी पार्टियों से बयाना लिये हुए हैं। कुछ की राजनीतिक प्रतिबद्धता भी प्रतीत होती है। खैर चुनाव रोज-रोज तो आते नहीं। कमाई का मौका भी है और दस्तूर भी। चुनावी विज्ञापन की बहती गंगा में इस बार अपेक्षाकृत प्रिंट मीडिया डूबकी नहीं लगा पायी। प्रिंट वालों को मात्र आचमन भर का विज्ञापनी गंगाजल उपलब्ध हुआ। स्व. प्रभाष जोशी, आलोक तोमर और प्रखर संपादक हरिवंश जी ने पेड न्यूज के विरूद्ध जो मुहिम छेड़ी थी उसे खबरिया चैनलों के व्यापक प्रसार ने सफल कर दिया। हैलीकॉप्टर और चाटर्ड प्लेन से चुनाव प्रचार में उतरे नेता साइकिल से तो प्रचार करने से रहे। पेड खबरों के मामले में प्रिंट मीडिया नेताओं के लिए साइकिल जैसी साबित हुई। खैर अब प्रिंट वाले सीना तान कर कह सकते हैं कि विज्ञापनी अं
चुनाव में इस बार विज्ञापनी मलाई खबरिया टीवी चैनल चट कर गये। इसके अलावा पेड़ खबरें और पेड साक्षात्कार अलग। मजे तो चैनल वालों के आये। इसके अलावा टीवी बहस सुनकर ऐसा लग रहा है कि कु
विस्तार से
न्यूज़ चैनलों से कई पुराने चेहरों का नामोनिशान मिट गया है!

कभी-कभार टीवी सर्फ करते हुए मैं हिंदी न्यूज़ चैनलों का रुख करता हूँ. कई पुराने चेहरों का नामोनिशान मिट गया है. कुछ चेहरे अब भी दिखाई पड़ते हैं, लेकिन उन्हें देखने से लगता है जैसे वो किसी भी पल लाइव टीवी पर फूट-फूट कर रो देंगे. दरससल पिछले दशक की शुरुआत में इनकी आँखों में तारे भर दिए
विस्तार से
क्या रजत शर्मा मैनेज्ड हो गए!
रजतजी, जरा सोचिए कि जब आपके ही चैनल के बड़े पद पर बैठे शख्स( नकवीजी) को मोदी की अदालत सजने पर इतनी तकलीफ हुई कि इस्तीफा तक दे दिया तो उन दर्शकों पर क्या असर पड़ा होगा जो पिछले 21 सालों से खास सम्मान और भरोसे के साथ इस शो को देखती रही. कॉमेडी नाइट विद कपिल में आपका बेहद ही तकलीफदेह बचपन, घंटाघर के दस बाइ दस का कमरा और उसकी दास्तान सुनकर मेरी भी आंखों में आंसू आ गए, कितनी तकलीफ झेलते हुए आपने "इंडिया टीवी एम्पायर" खड़ा किया जिसके बारे में बीबीसी एक मुलाकात और ओपन मैगजीन में सुन-देख चुका हूं.. आपका दूसरे के घर जाकर तीसरे का चेहरा टीवी पर देखना अतीत का हिस्सा हो गया लेकिन अब भी लाखों दर्शक इसी हालत में टीवी देख रहे हैं. दुत्कारे जाने के बावजूद, गालियां खाने के बावजूद..एक उम्मीद से, मनोरंजन से. अब सोचिए कि एक तरफ दर्शक आपकी ये कहानी सुनती है और भावुक होती है और दूसरी तरफ ये सुनने को मिलता है कि आप मैनेज्ड हो गए हैं, कैसा लगता होगा उन्हें..जो आम आदमी को तकलीफ पहुंचाएंगा, उसे नहीं छोडूंगा..कपिल शर्मा से जब आप ये कह रहे थे, उसमे आपकी आवाज नहीं थी बल्कि बॉस के खोखले से गुजरती हवा थी.
 बेबाक मीडिया विश्लेषक   विनीत  कुमार के एफबी वॉल से
विस्तार से
समाचार चैनल
आपकी अदालत ने टीआरपी की दुनिया में एक नया इतिहास बनाया है.
विस्तार से
चुनाव में इस बार विज्ञापनी मलाई खबरिया टीवी चैनल चट कर गये।
विस्तार से
क्या रजत शर्मा मैनेज्ड हो गए!
विस्तार से
कमर वाहिद नक़वी का इंडिया टीवी से इस्तीफा
विस्तार से
प्रिंट मीडिया
तुम्हीं कहो कि यह अंदाज़े गुफ़्तगू क्या है
विस्तार से
चन्द्र शेखर लूथरा बने दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष
विस्तार से
वरिष्ठ पत्रकार टी.वी.वेंकटचलम का निधन
विस्तार से
आर्थिक अपराध का आरोप झेल रहे शशि शेखर और उनका उपदेशात्मक संपादकीय
विस्तार से
हलचल
जशोदाबेन के मुताबिक शादी के सारे फोटो मोदी ने फाड़ डाले थे,
विस्तार से
कोच के माफी मागने पर पत्रकार से विवाद सुलझा
विस्तार से
महिला पत्रकार बलात्कार केस : तीन आरोपियों को फांसी की सज़ा
विस्तार से
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार पर हमला , ड्राइवर का इंतकाल
विस्तार से
पत्रकारिता 
मोरल वैल्यु की जगह मार्केट वैल्यु को मीडिया में जगह देना खतरनाक।
विस्तार से
युवा पत्रकारों के नाम सन्देश : मीडिया में वही टिकेगा जिसमे दम हो ..
विस्तार से
अब पत्रकारिता मिशन नहीं व्यवसाय है!
विस्तार से
भगवान राम से सीखिए मैनेजमेंट के गुर
विस्तार से
साहित्य -संसार
कमलेश्वर अभी ज़िंदा हैं!
विस्तार से
मुम्बई के प्रेस क्लब में कथाकार कामतानाथ की कहानी पर फ़िल्म का चित्रण
विस्तार से
जयपुर साहित्य सम्मलेन से अबू बक्र कि खास रिपोर्ट
विस्तार से
पहला अशोक वाजपेयी फेलोशिप जाने माने कवि शिरीष ढोबले को
विस्तार से
ब्लोगर्स क्लब
वरुण कुमार कि कहानी " दिल्ली की सड़कें और वो 10 दिन"
विस्तार से
वर्धा-सम्मलेन के सबक
विस्तार से
नेपाल में पहली बार तीन दिवसीय अन्तरराष्‍ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन
विस्तार से
आखिर क्यों ब्लॉगर सौम्यदीप्त बनर्जी ने सलमान खान पर लिखे गए आर्टिकल को ब्लॉग से हटाया !
विस्तार से
सिनेमा -टीवी
फिल्‍म समीक्षा : हाईवे :अनिल मेहता ने इम्तियाज अली के रचे दृश्यों में प्रकृति के स्वच्छ रंग भर दिए हैं।
विस्तार से
मिका ने रेखा को लाकेट उपहार में दिया
विस्तार से
मशहूर फ़िल्म अभिनेता फारुख शेख का इंतकाल
विस्तार से
साल 2013-मेरी पसंद की 12 फिल्में -अजय ब्रह्मात्‍मज
विस्तार से
रेडियो ऍफ़ एम
रेडियो, आई रियली मिस यू..
विस्तार से
रेडियो सिटी दिल्ली से आरजे सिमरन का इस्तीफा
विस्तार से
समलैंगिकों के लिए देश का पहला रेडियो स्टेशन
विस्तार से
Doordarshan official faces sex offence charge
विस्तार से
.

नमूना कॉपी पाने या वार्षिक सदस्यता के लिए संपर्क करें +91 9860135664 या samachar.visfot@gmail.com पर मेल करें.
Media Manch
मीडिया मतदान
Que.



Result
MediaManch-No.1 News Media Portal